फीफा विश्व कप: पेनल्टी शूटआउट ने किया है कई को ‘घायल’

Football

नवभारत टाइम्स | Updated:Jul 5, 2018, 08:04AM IST

हाइलाइट्स
साल 1978 में हुए फीफा वर्ल्ड कप से पेनल्टी शूटआउट का नियम लागू कर दिया गया
फीफा विश्व कप में आज तक 2 बार हुआ है चैंपियन का फैसला, 5 सेमीफाइनल में भी मिले परिणाम
इस वर्ल्ड कप के अलावा अब तक26 वर्ल्ड कप के मुकाबलों का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ
सबसे ज्यादा बार पेनल्टी शूटआउट में बाजी मारने का रेकॉर्ड अर्जेंटीना के नाम है



नई दिल्ली
फुटबॉल में शायद ही कोई टीम होगी जो पेनल्टी शूटआउट खेलना चाहेगी लेकिन खेल का यह नियम नॉकआउट मैचों की जरूरत है और टीमों को नहीं चाहते हुए भी इस नियम से कभी न कभी दो-चार होना पड़ता है। पेनल्टी शूटआउट का नियम फीफा वर्ल्ड कप में शुरुआत से नहीं था।
पहले निर्धारित समय तक विजेता का फैसला नहीं हो पाने के बाद सिक्के को उछालकर विजेता घोषित किया जाता था, लेकिन 1978 वर्ल्ड कप से पेनल्टी शूटआउट का नियम लागू कर दिया गया.


बैजियो का वह शॉट
पेनल्टी शूटआउट की बात होती है तो इटली के रॉबर्टो बैजियो के उस शॉट की बात जरूर होती है जब उनके एक गलत शॉट की वजह से इटली के हाथों से वर्ल्ड कप फिसल गया था। तब ब्राजील चैंपियन बना था और इटली उपविजेता रहा था। ब्राजील ने यह मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में 3-2 से अपने नाम किया था।


1994 के वर्ल्ड कप में ब्राजील के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में इटली की तरफ से अंतिम शॉट लेने आए बैजियो ने बॉल को क्रॉस बार के ऊपर से मार दिया था। वैसे शूटआउट में आज तक दो बार चैंपियन का फैसला हुआ है, जबकि पांच सेमीफाइनल मैचों का फैसला भी इसी से निकाला है।



अर्जेंटीना सबसे आगे
इस वर्ल्ड कप को छोड़ दें तो अभी तक कुल 26 वर्ल्ड कप के मुकाबलों का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ है लेकिन केवल दो बार ही ऐसा हुआ है जब पेनल्टी शूटआउट पांच शॉट के प्राइमरी स्टेज से आगे बढ़ा हो। सबसे ज्यादा बार पेनल्टी शूटआउट में बाजी मारने का रेकॉर्ड अर्जेंटीना के नाम है। उसके पांच मुकाबले पेनल्टी शूटआउट में गए और चार में उसे जीत नसीब हुई।


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