जनरक्षा पार्टी का जंतर मंतर पर एक दिवसीय सांकेतिक धरना
नई दिल्ली – 14 अक्टूबर दिन सोमवार को जनरक्षा पार्टी के बैनर तले जंतर मंतर नई दिल्ली में एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया. धरना प्रदर्शन की प्रमुख मांग थी ईवीएम हटाओ लोकतंत्र बचाओ बैलेट पेपर से चुनाव कराओ ! धरना प्रदर्शन का आयोजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश सिंह चौहान कर रहे थे। जिसमें दर्जनों लोगों ने भाग लिया. धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष डीएस चौहान ने कहा कि जापान जो ईवीएम का जन्मदाता है वह स्वयं अपने देश में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से चुनाव नहीं करवाता है . विश्व के 195 देशों में से मात्र 20 देश ही ईवीएम का इस्तेमाल करते हैं . श्री चौहान ने आगे कहा कि नीदरलैंड जर्मनी इटली और अमेरिका में ईवीएम का प्रयोग शुरू तो हुआ किंतु वहां पर इसे सिक्योरिटी और सुरक्षा को लेकर प्रतिबंधित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि इटली में वहां की सरकार ने यह कहकर ईवीएम पर प्रतिबंध लगाया गया कि इससे चुनाव नतीजे बदले जा सकते हैं आयरलैंड में भी ईवीएम प्रतिबंधित है, इंग्लैंड और फ्रांस जैसे देशों में कभी भी इलेक्ट्रॉनिक मशीन का प्रयोग हुआ. श्री चौहान ने प्रश्न किया कि जब अधिकांश विकसित व विकासशील देश इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के खिलाफ हैं तो ऐसी क्या मजबूरी है कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से ही चुनाव कराने पर भारत सरकार व भारत निर्वाचन आयोग दृढ़ निश्चय किए हुआ है । डीएस चौहान ने कहा कि यदि 31 दिसंबर 2019 तक भारत सरकार ईवीएम पर प्रतिबंध नहीं लगाती है तो जनवरी 2020 से ईवीएम के खिलाफ जनरक्षा पार्टी देशव्यापी आंदोलन करेगी प्रत्येक राज्य के हर जिला मुख्यालय पर क्रमबद्ध तरीके से धरना प्रदर्शन निरंतर ईवीएम प्रतिबंधित किए जाने तक चलता रहेगा श्री चौहान ने प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन धरना स्थल पर मौजूद अधिकारियों को सौंपा जिन्होंने पी एम ओ में रिसीव करा कर उसकी कॉपी पार्टी अध्यक्ष को वापस दी धरना में शामिल होने वालों में अजय शर्मा, जगबीर सिंह पिंटू, मृत्युंजय सिंह, इम्तियाज आलम, चुनचुन झा, आलोक सिंह, सत्यप्रकाश मौर्य , दीपक शर्मा, विचित्र प्रधान, भगवान सिंह, राजेश राणा, दुर्वेश कुमार, जगदीश नारायण कुरील, मोहम्मद नफीस, कैसर रजा, शाहिद खान, सरोज झा, आशा शुक्ला प्रमुख लोगों ने भाग लिया तथा धरना स्थल को संबोधित किया धरना प्रदर्शन 5:00 बजे समापन कर दिया गया.

